सुपर सीक्रेट खुलासा, नोटबंदी के लिए पीएम ने क्यों चुना 8 नवंबर का दिन!

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उस रोंगटे खड़ी कर देने वाली रात को एक साल हो चला है. 8 नवंबर की रात 8 बजे ‘मितरों’ की आवाज के साथ भारत थम गया था. दूसरे दिन से सड़कें सुनसान थीं. घर द्वार खाली होकर एटीएम के सामने लगा था. लेकिन क्या कभी आपके दिमाग में ये बात नहीं कौंधी कि ऐसा क्यों? मतलब आज का ही दिन क्यों चुना इस हुर्र कबड्डी खेल के लिए. इसका सही जवाब आपको अगले पैराग्राफ में मिलेगा. अभी तक तो हम सिर्फ भूमिका बांधने में खर्च हुए जा रहे हैं.

अच्छा दिमाग लगाकर बताइये. पूरे नोटबंदी में सबसे बड़ी चीज कौन सी थी. बस करो, हम बता देते हैं. लाइन. लाइन सबसे बड़ी, सबसे लंबी चीज थी. बीजेपी में एक और आदमी लाइन में है. सॉरी. है नहीं, था. प्रधानमंत्री पद की लाइन में. लालकृष्ण आडवाणी जी. अब ये मार्गदर्शक मंडल के अध्यक्ष होते हैं. इनकी लाइन इतनी लंबी थी कि आजतक नहीं खत्म हुई. इसी लाइन से प्रेरणा लेकर मोदी जी ने नोटबंदी की. और बैंकों के सामने लंबी लाइन लगवाई.

अब आप सोच रहे होंगे कि सिर्फ लाइन लगाने को ये सब किया गया. ऐसा कुछ नहीं, दरअसल आडवाणी जी का बर्थडे 8 नवंबर को ही होता है. अब समझे? अपने घर के बुजुर्गों को लाइन पर लाने के सबके अपने तरीके होते हैं. कुछ बच्चे होते हैं जो अपने घर के बड़ों को इतना बदनाम कर देते हैं कि लोग उनके नाम को कोसने लगें. अब ये 8 नवंबर को नोटबंदी हो गई है. हर साल की 8 नवंबर को लोग कोसेंगे. इस तारीख से लोगों को चिढ़ हो जाएगी. जैसे 13 नंबर अपशकुन होता है वैसे 8 नवंबर होगा.

ऊपर लिखी कुछ बातें आपको झूठ लग सकती हैं. लेकिन ये नेताओं के वादों से ज्यादा सच हैं. आपको मजाक लग सकता है, लेकिन इस मजाक से किसी का नुकसान नहीं है. पक्का प्रॉमिस.