Cheese – रात में पनीर खाना सेहत के लिए अच्छा है या नहीं, जानिए…..

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हड्डियों और दांत की मजबूती के लिए कैल्शियम जरुरी होता है। पनीर में कैल्शियम तथा फास्फोरस भरपूर मात्रा में होते है। ये दोनों हड्डी की मजबूती के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होते है। इनकी जरुरत शरीर को हमेशा होती है। बच्चों को उनकी बढ़ती हुई हड्डियों के लिए यह आवश्यक है तो बड़ों को हड्डियों की मजबूती बने रहने के लिए। वजन कम करने के लिए ज्यादा प्रोटीन तथा कम कैलोरी वाला भोजन लेना चाहिए। इसके लिए पनीर बहुत उपयुक्त होता है। क्योंकि इसमें प्रोटीन अधिक और कैलोरी कम होती है। प्रोटीन के कारण ज्यादा भूख नहीं लगती इससे भी वजन कम होता है। प्रोटीन को पचने में कार्बोहाईड्रेट से अधिक वक्त लगता है। इसलिए प्रोटीन युक्त आहार लेने से जल्दी भूख नहीं लगती। पेट ज्यादा देर तक भरा हुआ महसूस होता है। ऐसे में ज्यादा खाना खाने से बच जाते है। यह वजन को कंट्रोल में रखने में सहायक बनता है।

रात में पनीर खाएं या ना खाएं कई लोगों को रात में पनीर खाने से वॉटर रिटेंशन की समस्‍या हो जाती है, लेकिन कविता देवगन का कहना है कि रात में पनीर का सेवन करने से पहले अपनी बॉडी टाइप के बारे में जानना बेहद जरूरी है। फिर भी अगर आपका मन रात में कुछ चटपटी पनीर रेसिपी खाने का कर रहा हो तो उसमें पनीर और मौसमी सब्जियां दोनों को बराबर मात्रा में मिलाकर स्‍टर फ्राई करें। इसके बाद इसका सेवन करें। क्‍योंकि पनीर में सोडियम की मात्रा काफी अधिक पाई जाती है, जो सब्जियों में मौजूद पोटैशियम के साथ मिलकर हाई फाइबर डाइट में बदल जाती है।

इसके अलावा पनीर को घर में बनाने का प्रयास करें क्‍योंकि बाजार के पनीर में सोडियम की मात्रा काफी पाई जाती है जो व्‍यक्ति को वॉटर रिटेंशन की समस्‍या दे सकती है। कविता का यह भी कहना है कि रात में पनीर का सेवन करना चाहिए या नहीं! ऐसा कोई नियम नहीं है। हां, रात में सोने से तीन घंटे पहले भोजन कर लेना आपके लिए बेस्‍ट ऑप्‍शन है। साथ ही रात के भोजन में जितना कम कार्बोहाइड्रेट हो उतना बेहतर है। इस तरह से आप खुद की बॉडी टाइप को जानने के बाद बेझिझक पनीर रेसिपी का मजा रात में भी ले सकते हैं।