चार साल के अंतराल के बाद नीतीश-सुशील की जोड़ी एक बार फिर बिहार की सत्ता पर काबिज़

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Patna: Prime Minister Narendra Modi being welcomed by the Governor of Bihar, Ram Nath Kovind and the Chief Minister Nitish Kumar on his arrival, at the airport in Patna on Saturday. PTI Photo (PTI3_12_2016_000142B)

चार साल के अंतराल के बाद नीतीश-सुशील की जोड़ी एक बार फिर बिहार की सत्ता पर काबिज़

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चार साल के अंतराल के बाद नीतीश-सुशील की जोड़ी एक बार फिर बिहार की सत्ता पर काबिज़ हुई
बिहार की राजनीति 18 घंटे से भी कम समय में 360 डिग्री पर घूम गई है. राज्य में सरकार तो वही है जो कल तक थी. उसका मुख्य चेहरा भी बतौर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही हैं. बस उनके ‘उप’ बदल गए हैं, जो कल तक राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव थे लेकिन आज भारतीय जनता पार्टी के सुशील कुमार मोदी हो गए हैं. इसके साथ ही चार साल के अंतराल के बाद नीतीश-सुशील की जोड़ी एक बार फिर राज्य की सत्ता पर काबिज़ हो गई है.

ख़बरों के मुताबिक नीतीश ने गुरुवार को 12 साल में छठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. राजभवन में हुए समारोह में उनके साथ भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण की. विधानसभा में बहुमत साबित होने के बाद अन्य मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी. बता दें कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनके पुत्र तत्कालीन उपमुख्यमंत्री तेजस्वी और अन्य परिजनों पर भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते बने टकराव के कारण नीतीश ने बुधवार शाम मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके तुरंत बाद भाजपा ने उन्हें समर्थन की घोषणा कर दी.

सुशील मोदी ने राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी को नीतीश के पक्ष में भाजपा और उसके सहयोगी विधायकाें के समर्थन का पत्र सौंपा. साथ ही दावा किया था कि नई सरकार के साथ विधानसभा के 132 सदस्य हैं. जबकि सदन में बहुमत के लिए 122 विधायकों की ज़रूरत है. इसके बाद राज्यपाल ने नीतीश को फिर सरकार बनाने का न्यौता दे दिया था. उन्होंने नई सरकार को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए दो दिन का समय दिया है. हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर राजद ने सवाल उठाए हैं. नीतीश की पार्टी जनता दल-यूनाइटेड (जद-यू) में भी असंतोष उभर आया है.

राजद के नेता तेजस्वी ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘राज्यपाल ने हमें गुरुवार सुबह 11 बजे मिलने के लिए बुलाया था. फिर अचानक सुबह 10 बजे नई सरकार के शपथ ग्रहण की घोषणा कर दी गई. जबकि पहले बताया जा रहा था कि शपथ शाम को पांच बजे होगी. इस जल्दबाजी का मतलब क्या है? हम इसके ख़िलाफ धरना-प्रदर्शन कर अपना विरोध ज़ताएंगे.’ हालांकि राजभवन के आसपास धारा-144 लगाए जाने के बाद गुरुवार को राजद का विरोध प्रदर्शन रद्द किए जाने की ख़बर आई है. राजद नेता जेपी यादव ने इस मामले को संसद में उठाने की भी घोषणा की है.

वहीं जद-यू के राज्य सभा सदस्य अली अनवर अंसारी ने कहा, ‘भाजपा के साथ सरकार बनाना हमें मंज़ूर नहीं. हमें मौका मिलेगा तो पार्टी फोरम में हम इसके ख़िलाफ आवाज़ उठाएंगे.’ हालांकि पार्टी के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव ने भाजपा के साथ बिहार में सरकार बनाने के मसले पर अभी प्रतिक्रिया देने से साफ इंकार कर दिया है. जबकि उनके बारे में ख़बरें आ चुकी हैं कि वे ऐसी स्थिति में नीतीश के ख़िलाफ पार्टी में बग़ावत की अगुवाई कर सकते हैं. उधर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मसले पर मीडिया से बातचीत में कहा, ‘नीतीश ने हमें धोखा दिया है.’