लालू को समझना मुश्क‍िल ही नहीं, नामुमकिन: नीतीश कुमार

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सेल्फी से उपजे विवाद को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने कहा कि इस तरह की बातों से पीड़ा होती है. उन्होंने आरजेडी पर निशाना साधते हुए कहा कि वो सत्ता जाने से परेशान हैं. कुछ लोग और इसी वजह से ऐसे घटिया बयान दे रहें हैं. मुझे ऐसे घटिया बयानों पर कुछ नहीं कहना है. उन्होंने कहा कि मैंने अपने प्रवक्ताओं को भी कह दिया है कि वो हम पर कोई भी आरोप लगायें वो जवाब न दें.   उन्होंने कहा कि इस धरती पर लालू प्रसाद यादव को कोई नहीं समझा सकता है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि 43 साल के सार्वजनिक जीवन में मैंने कभी घटिया राजनीति नहीं की और ना ही किसी पर घटिया बयान दिया. उन्होंने आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोगों को सत्ता जाने का बहुत दुख है, वो बहुत परेशान हैं. नीतीश कुमार ने कहा कि उन्हें हर दिन लगता है कि गठबंधन तोड़कर उन्होंने बहुत अच्छा काम किया है. क्योंकि गठबंधन में रहकर रूल ऑफ लॉ लागू करना काफी मुश्किल का काम था. मुझे उसमें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

उन्होंने कहा कि शराबबंदी जब हमने लागू की तब उनसे भी पूछा था. तब उन्हें इसमें कोई खोट नजर नहीं आता था. अब सत्ता से बाहर हैं तो उन्हें शराबबंदी फेल नजर आती है. बालू माफिया सब आरजेडी से जुडे़ हुए थे, जो आरजेडी को पैसा देते थे. क्योंकि पर्यावरण को दरकिनार करके टेंडर से ज्यादा बालू निकालते थे. बालू पर रोक लगा दी गई, तब इन्हें तकलीफ हो रही है. पैसा आना जो बंद हो गया है. उन्होंने कहा कि बालू का एक कॉर्पोरेशन बनाकर अब सरकार बालू बेचेगी.

नीतीश कुमार ने मीडिया से भी कहा कि क्या केवल आरोप प्रत्यारोप ही खबर होती है. किसने किसके बारे में क्या कहा, केवल यही खबर तो नहीं होती. ये भी देखना चाहिए कि बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर का कितना काम हुआ है, रोड कितने बने हैं, सिंचाई में क्या काम हुआ है, कोई इस पर सर्वे क्यों नहीं करता है. नीतीश कुमार ने आरजेडी में एक तांत्रिक को प्रवक्ता बनाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लगता है कि लालू प्रसाद यादव को अपने कर्मों पर विश्वास नहीं रहा.