भोपाल में हुआ उपद्रव दो समुदायों के बिच | Bhopal me hua Bawal ..

21

भोपाल। राजधानी के पुराने भोपाल इलाके में मंगलवार रात दो पक्षों में झड़प होने के बाद तनाव के हालात बन गए। करीब साढ़े तीन घंटे तक क्षेत्र के चार बत्ती, मोती मस्जिद, फतेहगढ़, हमीदिया, अग्रसेन चौराहा, रॉयल मार्केट, सेफिया कॉलेज रोड, इमामबाड़ा और पीरगेट भवानी चौक पर दोनों पक्षों के बड़ी संख्या में लोग जमा रहे।

कई बार पथराव हुआ, इमामबाड़ा रोड पर पुराना डाकघर के सामने बड़े वाहन जला दिए गए, वहीं रोड किनारे खड़ी गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई। स्थिति बेकाबू होती देख पुलिस ने आरएएफ समेत सभी थाना क्षेत्रों से बल बुलवा लिया।

उपद्रवियों पर आंसू गैस के गोले छोड़कर स्थिति काबू में की गई। पथराव में एडीएम जीपी माली और एक पुलिसकर्मी घायल हो गए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एडीजी एंटेलीजेंस राजीव टंडन से घटनाक्रम की रिपोर्ट मांगी है।

पीर गेट पर रात साढ़े आठ बजे के करीब नारेबाजी से विवाद की स्थिति उत्पन्न् हुई। देखते ही देखते दोनों पक्षों से बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। एक पक्ष ने पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान भवानी चौक चौकी पर मौजूद पुलिस बल ने जमा लोगों को बलपूर्वक तितर-बितर किया, लेकिन पुलिस की कोशिश नाकाम रही। इसके बाद पीर गेट से अग्रसेन चौराहा तक जमकर पथराव हुआ। मौजूद लोग बेकाबू हो गए, तत्काल कंट्रोल रूम समेत

डीआईजी, एसपी व कलेक्टर को सूचित कर चौकी से पुलिस बल मांगा गया। करीब आधा घंटे के घटनाक्रम के दौरान पूरे पुराने भोपाल में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। वहीं पुराने शहर के सभी मुख्य बाजार बंद हो गए।

डीआईजी रमन सिंह सिकरवार और कलेक्टर निशांत बरबड़े की कोशिशों के बावजूद स्थिति नियंत्रित नहीं होने पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इसके बाद भी सड़कों पर जमा लोग वापस होने को तैयार नहीं थे। रात करीब 11 बजे मौके पर आरएएफ की टुकड़ी को बुला लिया गया।

आरएएफ ने अश्रु गैस छोड़ने के साथ ही उपद्रवियों को खदेड़ना शुरू किया। अलग-अलग गलियों में भागे उपद्रवियों ने इमामबाड़ा पुराने डाकघर के सामने खड़े चार बड़े वाहनों में आग लगा दी। वहीं अग्रसेन चौराहे और सेफिया कॉलेज रोड पर खड़े दो पहिया वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी।

हालात और बिगड़ते देख चारों तरफ वाहनों से पुलिस टीम रवाना किए गए और उपद्रव मचा रहे लोगों को बल पूर्वक काबू करने के आदेश दिए गए। रात 12 बजे के बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका।

प्रशासन की लापरवाही से ही बिगड़े हालात

मंगलवार रात पुराने शहर में हुई घटना को लेकर प्रशासन की ढील की एक बड़ी वजह मानी जा रही है। दरअसल शहर के हालात एकाएक नहीं बिगड़े। चार दिन पहले हमीदिया अस्पताल की नई बिल्डिंग के निर्माण की खुदाई के दौरान जब एक धार्मिक स्थल निकलने की बात सामने आई तो एक समुदाय विशेष ने इस पर अपना दावा जताना शुरू कर दिया। मामले को लेकर प्रशासन और समुदाय विशेष के धर्मगुरुओं के बीच चर्चा भी शुरू हुई थी। हालांकि चर्चा के दौरान कोई निर्णय नहीं लिया गया था। इसी बीच सोमवार को एक धर्मगुरु ने अपील जारी कर दी।

अपील में प्रशासनिक अफसरों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और समुदाय के लोगों से धार्मिक स्थल के निर्माण कार्य में मदद के लिए आगे आने की बात कही। अपील के बाद से ही कुछ इलाकों में माहौल गर्माने लगा था। इसके बाद भी प्रशासन हरकत में नहीं आया। शाम होते-होते उक्त स्थल पर बड़ी तादात में लोग जुटने लगे।

ये सिलसिला देर रात तक जारी रहा। इस दौरान यहां कई गतिविधियां भी होती रहीं। इस दौरान भी कुछ प्रमुख लोगों द्वारा धार्मिक स्थल को बनाने के लिए न केवल अपील की गई बल्कि आर्थिक सहयोग भी जुटाने लगे। प्रशासन की बड़ी चूक यहीं हुई कि अस्पताल परिसर में हजारों की संख्या में लोग जुटते रहे लेकिन उन्हें रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए।

शांत है अपना भोपाल अफवाहों पर न दें ध्यान

पुराने भोपाल में हुए उपद्रव के बाद पूरे शहर में अफवाहों को दौर चल पड़ा है। कुछ लोग इसका फायदा उठाकर शहर में अशांति का माहौल खड़ा करने की भी कोशिश कर रहे हैं। खासतौर से सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं। नवदुनिया विन्रम अपील करता है कि आप इस हालात में एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते आपका फर्ज है कि इन अफवाहों पर ध्यान न दें और इन्हें फैलने से भी रोकें।

स्थिति नियंत्रित है

सामान्य सी नारेबाजी को लेकर हुई पत्थरबाजी के बाद स्थिति तनावपूर्ण निर्मित हो गई थी। दोनों पक्षों को समझाइश देकर शांत करने के प्रयास किए गए, लेकिन शांत नहीं होने पर बलपूर्वक स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है। निशांत बरबड़े, कलेक्टर भोपाल

उपद्रवियों को तलाशा जा रहा है

घटना के पीछे जो मुख्य लोग थे, उनकी शिनाख्त की जा रही है। जल्द ही उन्हें तलाश लिया जाएगा। पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, जो हालात सामान्य होने तक मौजूद रहेगा।